बेताबी
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बेताबी तुझसे मिलने की, जीने भी नहीं देती,मरने भी नहीं देतीबेताबी तुझे पाने की खोने भी नहीं देती, पाने भी नहीं देती,
बेताबी तुझ तक पहुँचने की, दिन-रात मांगती है मेरा ख़ून-पसीना,
थक हार कर मुझे गिरने भी नहीं देती, थमने भी नहीं देती,
बेताबी मंज़िल तक पहुँचने की ,रूकने भी नहीं देती,झुकने भी नहीं देती,
दिल में आग जल रही है, हिम्मत की,
मुझे मार पड़ रही है , क़िस्मत की,
तुझे पाने की चाह , आह भरने भी नहीं देती,
सिसकियां ले -ले कर, सांसे भरती हूँ,
बेताबी मगर ये मेरी, सांस थमने भी नहीं देती ।
बेताबी तुझसे मिलने की, जीने भी नहीं देती,मरने भी नहीं देती ।।
- "सुन्दरम्"
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